Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board
Official Website
 
   
   
       
       
 
 
 
 
 
 
 
 
 

श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल

 

परिचय

श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल, विष्वप्रसिद्ध श्री माता वैष्णो  देवी यात्रा के आधार षिविर कटड़ा (जम्मू व कष्मीर) से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर चरणपादुका में स्थित है। श्री माता वैष्णो देवी स्थापन बोर्ड, कटडा, जम्मू व कष्मीर द्वारा स्थापित इस गुरुकुल का संचालन बोर्ड द्वारा ही िकया जाता है। यह गुरुकुल लगभग 30 कनाल वर्ग मीटर भूमि पर निर्मित है, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाएँ युक्त कक्षाएँ, पुस्तकालय, अत्याधुनिक भाशा प्रयोगषाला, आचार्य निवास, छात्रावास, विविध क्रीडांगण एवं भोजनालय की व्यवस्था है।

गुरुकुल स्थापना के उद्देष्य

भावी पीढ़ी को भारतीय पारम्परिक षास्त्रों एवं आधुनिक विशयों के ज्ञान के साथ सुन्दर समन्वय स्थापित कर सुषिक्षित करना।
अध्येता छात्रों का चारित्रिक एवं मानवीय मूल्यों के साथ सर्वांगीण व्यत्तिव का विकास करना।
भावी पीढ़ी को वसुधैव कुटुम्बकम की आदर्ष भावना से समन्वित करना।
वेदाध्ययन के माध्यम से श्रुति परम्परा को अक्षुण्ण बनाये रखना।
नई पीढ़ी में भारतीय आचार विचार एवं देषभंत्ति से समन्वित समग्र व्यत्तिव का विकास करना।

 

सम्बद्धता

इस गुरुकुल को प्रथमा (अश्टम) से आचार्य (स्नातकोत्तर) कक्षा पर्यन्त सम्पूर्णानन्द संस्कृत विष्वविद्यालय, वाराणसी से स्थायी सम्बद्धता प्राप्त है।

 

 

    अध्ययनार्थ उपलब्ध विशय

गुरुकुल में प्रथमा प्रथम (शश्ठ) से प्रथमा तृतीय वर्श (अश्टम) पर्यन्त पारम्परिक विशयों- वेद, साहित्य, व्याकरण, ज्योतिश, पुराणेतिहास एवं तुलनात्मक दर्षन के साथ ही आधुनिक विशय- विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी एवं संगणक (कंप्यूटर) की षिक्षा दी जाती है। पूर्वमध्यमा प्रथम (नवम) से वेद एवं ज्योतिश का ऐच्छिक पारम्परिक विशय के रूप में और व्याकरण, साहित्य एवं दर्षन का अनिवार्य पारम्परिक विशय के रूप में अध्यापन होता है। आधुनिक विशयों में केवल गणित एवं अंग्रेजी की षिक्षा दी जाती है। इसके अतिरिक्त समस्त छात्रांे के बहुमुखी प्रतिभा के विकास हेतु योग एवं संगीत का समुचित प्रषिक्षण दिया जाता है। भाशागत (संस्कृत, हिन्दी एवं अंग्रेजी) दक्षता को विकसित करने के उद्देष्य से भाशाप्रयोग का भी प्रषिक्षण दिया जाता है।

 

प्रवेष प्रक्रिया

गुरुकुल में प्रथमा-प्रथमवर्श (कक्षा शश्ठ) में ही प्रवेष लिया जाता है। वही छात्र अग्रिम कक्षाओं में प्रविश्ट होते हैं। छात्रों का प्रवेष वरीयतानुसार एक पारदर्षी प्रक्रिया के माध्यम से होता है, जिसमें लिखित एवं मौखिक परीक्षा सम्मिलित है।

 

गुरुकुल में विद्यमान व्यवस्थाए: (छात्रों हेतु)


गुुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों हेतु श्री माता वैश्णो देवी स्थापन बोर्ड, कटड़ा द्वारा निम्नलिखित व्यवस्थाए पूर्णतः निःषुल्क उपलब्ध की गई हैं -

छात्रों हेतु:
निःषुल्क आवास, भोजन, वस्त्र एवं पुस्तकादि की व्यवस्था

छात्रों की आरोग्यता हेतु चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था।

 

 

अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था:
गुरुकुल परिसर में अध्ययन हेतु कुल-21 कक्ष निर्मित हैं, जिनमें अध्ययन कक्ष के अतिरिक्त निम्न कक्ष हैं

(क) प्रार्थना कक्ष:

गुरुकुल में प्रतिदिन प्रातः प्रार्थना एवं योगाभ्यास तथा यथासमय सामूहिक कृत्यों के सम्पादनार्थ एक व्यवस्थित सभागार प्रार्थना कक्ष के रूप में विद्यमान है।

 

(ख) पुस्तकालय:
छात्रों में स्वाध्याय की प्रवृत्ति एवं सामूहिक अध्ययन की भावना विकसित करने के उद्देष्य से तथा ज्ञान-विज्ञान के विविध साहित्य से छात्रों को परिपोशित करने हेतु गुरुकुल परिसर में लगभग 1700 प्राचीन-अर्वाचीन ग्रन्थ एवं पत्रिकाओं से सुसज्जित तथा संवर्द्धित एक समृद्ध पुस्तकालय की व्यवस्था है। वर्तमान में 136 छात्र एक साथ इस पुस्तकालय का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

(ग) संगणक कक्ष:
गुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों को पारम्परिक ज्ञान-विज्ञान को आधुनिक प्रकल्पों के माध्यम से विष्वपटल पर स्थापित करने में दक्ष करने के उद्देष्य से कुल 24 अत्याधुनिक संगणक यन्त्रों से सुसज्जित एक संगणक कक्ष की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से सभी छात्रों को संगणक के सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक पक्षों से अवगत कराया जाता है।

(घ) भाशा प्रयोगषाला:
गुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों को संस्कृत, हिन्दी एवं अंग्रेजी सम्बन्धी भाशागत समस्याओं के निराकरणार्थ भारत षासन के द्वारा प्रायोजित त्रिभाशा-सूत्र का अनुसरण करते हुए एक अत्याधुनिक भाशा प्रयोगषाला की स्थापना की गई है, जिसमें एक साथ 24 छात्र भाशा अध्ययन से लाभान्वित होते हैं।

(ङ) संगीत-षिक्षण कक्ष:
छात्रों में गायन एवं वादन कला विकसित करने हेतु विविध वाद्ययन्त्रों का प्रायोगिक ज्ञान तथा गायन सम्बन्धी स्वर एवं ताल का विषिश्ट प्रषिक्षण निरन्तर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य-चिकित्सा व्यवस्था:
छात्रों की आरोग्यता हेतु छात्रावास में समुचित चिकित्सकीय परीक्षण की सुविधा है तथा आकस्मिक प्राथमिक उपचार हेतु औशधि इत्यादि की समुचित व्यवस्था विद्यमान है। यथासमय छात्रों के विषेश चिकित्सकीय परीक्षण हेतु गुरुकुल में सम्बन्धित विषेशज्ञ चिकित्सकों को आमन्त्रित किया जाता है। छात्रों के लिए स्थापन बोर्ड द्वारा नवस्थापित अत्याधुनिक चिकित्सालय (श्री माता वैश्णो देवी नारायणा सुपरस्पेषिलिटी अस्पताल) में विविध प्रकार की उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ निःषुल्क उपलब्ध है।

 

 

 

 

 

 

 

 

क्रीडा सम्बन्धी व्यवस्थाए:
गुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ षरीरिक विकास हेतु क्रीडा, व्यायाम एवं योगाभ्यास की समुचित व्यवस्था है। छात्रों की सुविधा हेतु गुरुकुल परिसर में बास्केटबाल, वाली बॉल, बैटमिन्टन, एवं क्रिकेट के लिए सुसज्जित क्रीडा क्षेत्र के साथ ही आभ्यन्तर क्रीडाओं (षतरंज, कैरम बोड तथा टेबल टेनिस) की भी व्यवस्था है। सम्प्रति व्यायाम हेतु विषेश व्यायाम यन्त्रों की व्यवस्था है।

प्राकृतिक वातावरण:
सुरम्य प्राकृतिक वातावरण में अवस्थित गुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों की प्राकृतिक चेतना के विकास को ध्यान में रखते हुए गुरुकुल परिसर में एक सुन्दर प्राकृतिक उद्यान की संरचना की गई है।

गुरुकुल में विद्यमान व्यवस्थाए: (आचार्यों हेतु)

गुरुकुल में अध्यापनरत आचार्यों हेतु परिसर में ही सुन्दर आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है।

सौर ऊर्जा:
गुरुकुल में विद्युत् के अभाव में छात्रों तथा आचार्यों का अध्ययन एवं आवष्यक कार्य बाधित न हो इस उद्देष्य से गुरुकुल परिसर में सौर ऊर्जा प्रणाली (Solar Power System) स्थापित की गई है। इस प्रकार गुरुकुल मे निर्बाध विद्युत्-व्यवस्था उपलब्ध है।

गुरुकुल में विद्युत् के अभाव में छात्रों तथा आचार्यों की स्नानादि नित्य दैनिकक्रियाएॅं निर्बाधतया सम्पन्न हों, इस उद्देष्य से गुरुकुल परिसर में सौर ऊर्जा चालित जल-ऊश्णक प्रणाली (Solar Water Heater System) स्थापित की गई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

षुद्ध पेय जल की व्यवस्था:

गुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों एवं आचार्यों की स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छात्रावास परिसर में अत्याधुनिक जल षोधक यन्त्रों (R-O Water Purifier) को स्थापित किया गया है।

छात्र-अभिभावक मिलन :

गुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों को अपने अभिभावकों से मिलने हेतु गुरुकुल की संचालन समिति के निर्देषानुसार प्रत्येक माह की एक तिथि निर्धारित की गई है।

गुरुकुल षासी परिशदः

 

इस गुरुकुल को समुचित रूप से प्रगति पथ पर अग्रसर कराने हेतु एक उच्च समिति स्थापित है। जिस में निम्नलिखित सदस्य हैa&

 

1

डा. एस्.एस्. बलोरिया, (से. नि. आई ए. एस.)  पूर्वकुलपति जम्मू केन्द्रीय विष्वविद्यालय जम्मू।

अध्यक्ष

2

मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री माता वैष्णो देवी स्थापन बोर्ड

सदस्य

3

प्रो. युगलकिषोर मिश्र पूर्वकुलपति राजस्थान संस्कृत विष्वविद्यालय जयपुर।

सदस्य

4

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकार श्री माता वैष्णो देवी स्थापन बोर्ड

सदस्य

5

प्रो. विष्वमूर्ति षास्त्री पूर्वप्राचार् राश्ट्रिय सस्कृत संस्थान रणवीर परिसर जम्मू

सदस्य

6

मुख्य लेखाधिकारी श्री माता वैष्णो देवी स्थापन बोर्ड

सदस्य

7

प्रषासक श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल

सदस्य

8

प्रधान पुजारी श्री माता वैष्णो देवी स्थापन बोर्ड

सदस्य

 

   गुरुकुल संचालन समिति की अब तक 17 बैठकें हो चुकी हैं जिसमें गुरुकुल को प्रगतिषील करने हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाते हैं।

 

 

उपनयन-संस्कार:

प्रत्येक वर्श गुरुकुल में नव प्रवेषित छात्रों का उपनयन-संस्कार अक्षय तृतीया को गुरुकुल के वरिश्ठ आचार्य के आचार्यत्व में सम्पन्न होता है ।

चण्डीयज्ञ:

गुरुकुल में प्रतिवर्श षारदीय एवं वासन्तिक नवरात्र के उपलक्ष्य में अध्ययनरत छात्रों को प्रायोगिक प्रषिक्षण देने के उद्देष्य से गुरुकुल के वरिश्ठ आचार्य के आचार्यत्व में चण्डीयज्ञ का आयोजन किया जाता है।

वार्शिक-दिवस समारोह:

श्री माता वैश्णो देवी गुरुकुल का वार्शिक दिवस समारोह 30 अगस्त को आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर वार्शिक परीक्षाओं तथा अन्य प्रतियोगिताओं में उत्कृश्ट स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को मुख्य अतिथि अपने कर कमलों द्वारा पुरस्कृत करते हैं।

 

   

 

 

 

 

 

 

 

    

 

 

 

 

 

 

 

आचार्य-अभिभावक सम्मेलन:

गुरुकुल में समय-समय पर छात्रों के अध्ययन-अध्यापन प्रगति के विशय में चर्चा हेतु प्रषासक की उपस्थिति में आचार्य-अभिभावक सम्मेलन होता है।

गुरुकुल के छात्रों की विषेशोपलब्धि:

गुरुकुल में हर वर्ष षत-प्रतिषत छात्र उत्तीर्ण होते हैं। पिछले तीन वर्शो से प्रथमा-प्रथम वर्श में विष्वविद्यालय में गुरुकुल के छात्र सर्वप्रथम स्थान प्राप्त करे रहे हैं और वक्रतुण्ड-स्वर्णपदक से विष्वविद्यालय में सम्मानित किये जा रहे हैं।

 

पुनष्चर्या पाठ्यक्रम:

गुरुकुल स्थापना के पष्चात् संस्थागत एवं बाहरी पुजारियों को उपासना-विधि से सम्बन्धित प्रषिक्षण के उद्देष्य से श्री माता वैश्णो देवी स्थापन बोर्ड द्वारा पुनष्चर्या पाठ्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

 

विद्या ददाति विनयं विनयाद्याति पात्रताम्।
पात्रत्वाद्धनमाप्नोति धनाद्धर्मं ततः सुखम्।।
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पष्यन्तु मा कष्चिद्दुःखभाग्भवेत्।।

।। ॐ षान्तिः षान्तिः षान्तिः।।

।। जय माता दी।।

 

 

What's New  |  Tenders  |  Recruitments  |  Study Report  |  Downloads  |  Interact with Us
Shri Amarnathji Shrine Board - Official Website Shiv Khori Shrine